आयुर्वेदिक औषधि गिलोय के फायदे

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क्या होता है गिलोय :

गिलोय की बेल बहुवर्षिय होती है और इसके पत्ते पान के पत्ते की तरह होती हैं जिन में कैल्शि‍यम, प्रोटीन, फॉस्फोरस पर्याप्त मात्रा में होता है | गिलोय के तनों में स्टार्च की अच्छी मात्रा पाई जाती है | बस यही गिलोय (अमृता) की पहचान है | गिलोय का प्रयोग आयुर्वेद में बहुत सी दवा बने में किया जाता है | यह इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने का काम करती है और एक अच्छा पावर ड्रिंक भी है | गिलोय इतनी गुणकारी है की आयुर्वेद में इसे अमृता कहा गया है और ये ज्वर यानि बुखार में बहुत अच्छा लाभ करती है | गिलोय जिस वृक्ष को अपना आधार बनती है उसके गुण धारण कर लती है | जैसे नीम पर होगी तो नीम के गुण लती है और अगर जामुन पर है तो जामुन के गुण लती है | बुखार और अन्य बीमारयों में नीम की गिलोय अच्छी मानी जाती है | गिलोय तीनो दोषो (वात, कफ और पित्त) को संतुलित करती है |

गिलोय के फायदे:

आधुनिक विज्ञान की अनेक शोधों में भी यह साबित हो गया है की गिलोय बीमारियों से बचाने तथा चिकित्सा दोनों ही रूप में बहुत उपयोगी है। Researchers के अनुसार गिलोय में anti inflammatory, analgesic, antipyretic तथा immune booster जैसे अनेक गुण पाए जाते हैं।

1. एनीमिया या खून की कमी में गिलोय का उपयोग:

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गिलोय का रस और शहद का प्रतिदिन प्रयोग करने से खून की कमी दूर होती है | 30 ML गिलोय का रास और 1 चमच शहद का प्रयोग कम से कम 1 महीने जरूर करे |

2. पीलिया रोग में गिलोय का उपयोग:

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पीलिया रोग में या तो आप गिलोय चूर्ण, काली मर्ची और त्रिफला चूर्ण मिला कर 1-1 चमच सुबह शाम ले सकते है या गिलोय की ताजा पत्तियों का रास 1 चमच छाछ से सुबह ले |

3. बुखार में गिलोय का उपयोग:

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बुखार में गिलोय की डंडी, नीम, तुलसी, पीपली और सुखी अदरक का पाउडर मिला कर काढ़ा बना कर 30 ML काढ़ा गुड़ से ले सुबह शाम | या फिर केवल गिलोय का पत्तियों के साथ काढ़ा बना कर ले |

4. पैरों की जलन में गिलोय का उपयोग:

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गिलोय का रस, नीम का रस व आंवले के रस का काढ़ा बना कर सुबह शाम ले |

5. कान के दर्द में गिलोय का उपयोग:

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2-3 बून्द ताजा गिलोय के रस की कान में डाले |

6. गर्मी के कारण उल्टी में गिलोय का उपयोग:

गिलोय रस में मिश्री या शहद मिला कर ले | गिलोय का रस 30 ML व मिश्री या शहद स्वाद के अनुसार ले |

7. पेट के रोगों में गिलोय का उपयोग:

गिलोय का रस, शहद के साथ ले या गिलोय का रस व सतावर का चूर्ण मिला कर 1 गिलास पानी मिला कर काढ़ा बनाये और मिश्री या शहद स्वाद अनुसार मिला कर ले |

8. मोटापा कम करने के लिए गिलोय का उपयोग :

गिलोय चूर्ण और Herbsjoy त्रिफला 1:2:3 चूर्ण मिला कर ले मोटापे को कम करने में उपयोगी है | या फिर Herbsjoy त्रिफला 1:2:3, गिलोय चूर्ण और शिलाजीत मिला कर 1 गिलास पानी में डाल कर काढ़ा बनाये मोटापा रोग में लाभ होगा |

9. खून को साफ करने के लिए गिलोय का उपयोग:

गिलोय का रस शहद या मिश्री से ले |

10. कैंसर में गिलोय का उपयोग:

गेहूं के धन का रस (व्हीटग्रास जूस) में गिलोय का रस, हल्दी का रस, तुलसी के पत्तो का रस व नीम के पत्तो का रस मिश्री मिला के सप्तहा में 3 से 4 दिन ले | लाभ होगा |

11. शुगर में गिलोय का उपयोग:

गिलोय का 1 अच्छा पत्ता ले और उस में 5 पत्ते नीम के, 5 पत्ते तुलसी, 2 पत्ते सदाबहार, 2 फूल सदाबहार के ले और खाली पेट चबा कर खाये | या गिलोय का रस 30 ml, 5 पत्ते नीम के, 5 पत्ते तुलसी, 2 पत्ते सदाबहार, 2 फूल सदाबहार के मिला कर जूस बना ले और सुबह खाली पेट ले |

12. जोड़ों के दर्द में गिलोय का उपयोग:

गिलोय रस 30 ml में 1 चमच अरंडी का तेल डाल कर ले |

13. डेंगू बुखार में गिलोय का उपयोग:

गिलोय रस, अलोएवेरा रस, पपीता के पत्तो का रस व अनार का रस मिला कर ले | Platelets कम होने पर उपयोगी है |

14. मूत्र रोग में गिलोय का उपयोग:

गिलोय का रस, पत्थर चटा का रस ले |

15. पाचन के लिए गिलोय का उपयोग:

गिलोय चूर्ण, आवला का चूर्ण व गुड़ मिला कर ले |

 

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